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'सज्जन' की मधुशाला
Wednesday, December 23, 2009
(४३)
लोगों को लगता गंगाजल
जो, मुझको लगता है हाला;
लोग हैं कहते जिसे धर्म,
मुझको लगता मधु का प्याला।
लोगों को जो लगे पुजारी,
मुझको लगता है साकी;
मन्दिर कहते लोग जिसे,
वह लगता मुझको मधुशाला।
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